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Yes Bank Crisis Explained | Yes Bank में Invest करने से पहले जरूर देखे

 Before Investing In Yes Bank, Please Read


अभी 1 -2  साल पहले हि YES BANK India कि 6th वी  सबसे बड़ी private  BANK थी  उसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि YES BANK की share price 92% गिर गई ओर अभी January 2020 में YES BANK share price 40रुपये के आसपास चल रही हे।

Yes Bank History

Mr राणा कपुर ने अशोक कपुर ओर हरकीर्त  सिंह के साथ 1998 में Robo India Finance की शुरुआत की थी यह NBFC उन्होंने नीदरलैंड की Robo Bank के साथ partnership शुरू करके बनाई थी, फिर 2003 में उन्होंने यह  partnership तोड़ दि थी ओर राणा कपुर, अशोक कपुर ओर हरकीर्त सिंह ने अपने stack बेच दिये, यानि उन्हें Yes Bank Step करनी थी।
2004 में उन्हें बैंक का लाइसेंस मिल गया और Yes Bank का ऑपरेशन शुरू हो गया, शुरुआत के कुछ दिनों में ही हरकीर्त सिंह Yes Bank छोड़ कर चले गये थे , जिसके बाद बैंक का कंट्रोल राणा कपुर और अशोक कपुर के हाथ में आ गया था, हरकीर्त सिंह के जाने के बाद  राणा कपुर Yes Bank के CEO बने और अशोक कपुर Yes Bank के chairman बने इन दोनों ने भी 2008 तक Yes Bank  को बहुत अच्छे तरीके से चलाया , फिर 2008 में मुंबई पर 26/11  का जो हमें हुआ उसमे अशोक कपुर की मौत हो गई जिसके बाद बैंक का सारा कंट्रोल राणा कपुर के पास आ गया, अशोक कपुर की मौत के बाद उनका stake उनकी पत्नी मधु कपुर को मिल गया, उसके बाद  राणा कपुर मधु कपुर को बैंक के ऑपरेशन से अलग रखने लगे , उन्होंने मेजर शेयरहोल्डर की लिस्ट से मधु कपुर का नाम हटा दिया साथ ही मधु कपुर बोर्ड पर कोई director रखती तो उसको भी राणा कपूर और बोर्ड मंजूरी नहीं देता था जिसके चलते मधु कपुर का बैंक पर बहुत ही कम कंट्रोल रहा ओर राणा कपुर उसे अपनी तरह से चलाने लगे थे।
2008 से 2018 इन साल में Yes Bank ने बहुत अच्छी ग्रोथ की, कंपनी की बॉटम लाइन यानि बहुत अच्छी तरह Profit बनने लगा, लेकिन इस ग्रोथ के पीछे कई सारी चीजे छुपी थी, जो 2018 के बाद बाहर निकलना शुरू हो गई और उसका ही नतीजा हे आज YES BANK की share price इस इस लेवल पर आ गई।

Yes Bank Crisis

देखो बैंकिंग इंडस्ट्री बाकी सारी इंडस्ट्री से अलग हे, बैंकिंग सेक्टर में प्रॉफिट पहले आता हे और लॉसेस बाद में आते हे ग्रोथ पहले हो जाती हे और बाकि जो छुपे हुवे रिजन हे वो बाद में सामने आते हैं , राणा कपूर अपने बिज़नेस ऑपरेशन को लेकर काफी ज्यादा उत्साहित थे और किसी कम्पनी को लोन देने के लिए भी वो काफी उत्साहित रहते थे।  अगर कोई कंपनी दिकत में भी हे तो उनके लिए भी वो कुछ अलग सा सिस्टम बनाकर लोन दिया करते थे, साथ ही वो इस चीज का ध्यान रखते की उन्होंने जो पैसा लोन के तोर पर दिया हे वो उन्हें वापस भी मिले, उन्हें पैसा देने के साथ ही पैसा वसूल करना भी आता था , और इसी चीज का नतीजा था की YES BANK का प्रॉफिट 2008 से 2018 तक सालाना 35% बढ़ रहा था और Yes Bank Stock Price भी बैंक की इस ग्रोथ को फॉलो कर रही थी तो फिर 2018 में ऐसा क्या हो गया की Yes Bank Stock Price लगातार गिरने लगा।



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