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DHFL siphoned off 12,700 cr into 79 shady companies: ED

DHFL 12,700 करोड़ रुपये का हेरफेर 


  • धीरज वधावन ने मार्च 2010 में जायदाद खरीदने के लिए मिर्ची से मिलाया हाथ दोनों के बीच 225 करोड़ रुपये में हुआ सौदा
  • 111 करोड़ रुपये मिर्ची को DHFL, RKW Developers से मिली
  • अतिरिक्त 154 Crore रुपये वधावन की दुबई की कंपनी से मिले
  • रकम के स्रोत छुपाने के लिए कपिल वधावन ने सनब्लिंक का किया इस्तेमाल Dewan Housing Finance ने अपने प्रवर्तकों से कथित तौर पर जुड़ीं पांच मुखौटा कंपनियों को किया 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान
  • बाद में इन कंपनियों का Sunblink के साथ हुआ विलय



कर्ज संकट से जूझ रही दीवान हाउसिंग फाइनेंस (Dewan Housing Finance) ने 12,773 करोड़ रुपये के ऋण अपने प्रवर्तकों से कथित तौर पर जुड़ी 90 फर्जी कंपनियों को अवैध तरीके से स्थानांतरित किए थे। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के अनुसार कंपनी ने 2010 और 2015 के बीच खुदरा ऋण की आड़ में करीब 1 लाख फर्जी ग्राहकों के नाम पर इस रकम की हेराफेरी की थी। ED माफिया सरगना इकबाल मेनन (इकबाल मिर्ची) को रकम देने में DHFL के प्रवर्तकों की भूमिका की जांच कर रही है।

ईडी ने मिर्ची की जायदाद से जुड़े धन शोधन मामले में इस सप्ताह के शुरू में वधावन को गिरफ्तार किया था। इस जांच एजेंसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा, यह एक ऐसा फर्जीवाड़ा लग रहा है, जिसके व्यापक परिणाम हो सकते हैं। अब तक शुरुआती जांच में पता चला है कि 12,700 करोड़ रुपये सेअधिक रकम की हेराफेरी हुई है और यह पूरी साजिश कपिल वधावन ने रची थी।' रिपोर्ट में कहा गया है कि और अधिक सबूत, दस्तावजे आदि जुटाने के लिए छापेमारी चल रही है और ऐसी आशंका है कि फर्जीवाड़ा काफी बड़ा हो सकता है। Dewan Housing Finance के बहीखातों पर नजर दौड़ाने से पता चलता है कि 2,186 करोड़ रुपये (12,770 करोड़ रुपये में) पांच कंपनियों-Faith Realtors, Marvel Township, Able Realty, Poseidon Realty, and Randon Realtors, को दिए गए थे। ईडी ने कहा कि वधावन ने सबसे पहले डीएचएफएल से पांच मुखौटा कंपनियों को एक बड़ी रकम की हेराफेरी की और बाद में DHFL से ली गई कथित तौर पर ली गई रकम को छुपाने के लिए इन कंपनियों का विलय सनब्लिंक रियल एस्टेट के साथ कर दिया। जांच एजेंसी ने कहा कि ये पांचों कंपनियां और सनब्लिंक एक दूसरे से जुड़ी हैं रकम का स्रोत छुपाने के लिए वधावन ने इनका इस्तेमाल किया है । ये ऋण पांच से छह वर्षों (2010 से 2016) के बीच आवंटित एवं इधर से उधर किए गए। यह तब हुआ जब वधावन के भाई एवं Dewan Housing Finance(DHFL) के प्रवर्तक धीरज वधावन ने सनब्लिंक के नाम पर मुंबई के वर्ली में मिर्ची से तीन जायदाद खरीदी थी।

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